तभी श्याम ने कहा भाई मेरे पास खूब सारे चने पड़े हे हम सत्तू बना लेगे और राम ने काह तो ठीक हे फिर हम पीने योग पानी की भरपूर सामग्री लेलेगे ताकि हमे रस्ते अगर भोजन पानी नहीं भी मिला तो हम अपना भोजन तो खा पाएंगे।
image credit Pinterest
और फिर दोनो ने कुछ समय आराम किया और बह से जंगल के तरफ निकल गए और फिर राम ने श्याम से कहा भाई अब हम जंगल के तरफ जा रहे हे
image credit Pinterest
ताकि जंगल में चलते चलते हमारे पैरों में कटे न चुभ जाए और इस से हमारे पैरों में रेत से आराम रहेगा। ओर फिर दिनों भाई ने मिल कर अपने पैरों कपड़े की पट्टी बांध ली और जब सबकुछ सही हो गया तो दिनों भाई फिर से जंगल के तरफ जाने लगे।
image credit Pinterest
अगर हमे जंगल में कोई जंगली जानवर मिल गया तो हम उस को भगा सके अन्था बो हमे खा जायेंगे और फिर दिनों भाई मिल कर अपने लिए तीर कमान बनने लगे जिस से बो जानवरों से बच सके ।
image credit Pinterest
इसलिए राम ने श्याम से कहा तू आग जलने का प्रबंध कर और जैसे ही में ऊपर पहुंच जाऊ तो तू एक तीर मर देना ओर जब मधुमक्खी भाग जाएगी तो में छत्ता निकाल लगा इस से हमे रस्ते में बहुत मदद मिल सकती है।
और फिर नीचे आ कर श्याम ने राम से कहा भाई मैने जंगल के उस पर एक बहुत ही सुन्दर नगरी देखी हे जो बहुत बड़ी दिखाई दे रही थी यार हम उस नगरी में जरूर चलेंगे बहा कर बहुत अच्छे लड़के और लड़कियों दिखाई दे रही थी ।
बहुत समय चलते चलते हो गया और श्याम और राम जंगल के बाहर पहुंचने ही वाले थे लेकिन आगे रास्ता कटा हुआ था और सामने दोनों के 3 रस्ते थे अब दोनो को समझ नहीं आ रहा था के बो किस रस्ते पर जाय।
राम ओर श्याम दिनों ने अपने साथ लाए हुए चादर को नीचे बिछाया और अपने झोले से सत्तू बाहर निकल के बर्तन में डाला और दोनो खाने लगे और तभी श्याम ने पानी की केतली से पानी निकला और दिनों मजे से सत्तू खाए।
श्याम फिर से पेड़ पे चढ़ गया पर अब उसे कही भी नहीं दिखाई दिया बो नगरी तो फिर श्याम नीचे उतर आया और इस से पहल बो कुछ कर पाते उन के पैरों में कुछ चुभने लगा तो जैसे ही राम ने नीचे देखा तो पता चला के कुछ इंसान हे जो राम के पैरों में भला से प्रहार कर रहे हे।